भारत में, एक विवाह पंजीकरण आवश्यक है क्योंकि यह प्रमाण पत्र इस बात का प्रमाण है कि दो व्यक्ति एक दूसरे से विवाहित हैं और यह उन्हें विवाह से संबंधित विभिन्न अधिकारों का दावा करने की भी अनुमति देता है। यदि विवाह पंजीकृत नहीं है, तो इसकी वैधता को साबित करना मुश्किल हो सकता है, और इसी कारण से अब भारत के सभी राज्यों ने अनिवार्य विवाह पंजीकरण के लिए कानून पारित कर दिया है।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने श्रीमती सीमा बनाम अश्विनी कुमार,
AIR 2006 SC 1158 के मामले में भारत में सभी धर्मों में सभी विवाहों के अनिवार्य पंजीकरण की सिफारिश की।
यदि आप में से एक या दोनों विदेशी नागरिक हैं और आप भारत में विवाह करना चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित धार्मिक कानूनों के अनुसार विवाह कर सकते हैं:
👉हिंदू विवाह अधिनियम (यदि दोनों हिंदू हैं)
👉मुस्लिम परंपरा (यदि दोनों मुसलमान हैं)
👉ईसाई विवाह अधिनियम (यदि कम से कम एक ईसाई है) या
👉धार्मिक विवाह के बिना, आप विशेष विवाह अधिनियम के अनुसार स्थानीय रजिस्ट्रार/विवाह अधिकारी के समक्ष एक नागरिक समारोह में विवाह कर सकते हैं।
जब इच्छुक विवाह के पक्षों में से एक भारतीय नागरिक और दूसरा विदेशी नागरिक है, तो विवाह ,विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act) के तहत किया जाएगा, और वे विवाह पंजीकरण तथा विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए सीधे विवाह रजिस्ट्रार के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
कोर्ट मैरिज के लिए आवश्यक शर्तें:
➤विशेष विवाह अधिनियम की धारा 4 के तहत आवश्यक शर्तें नीचे दी गई हैं:
➤पार्टियों में से कम से कम एक भारत का नागरिक होना चाहिए
➤विवाह के समय किसी भी पक्ष का कोई जीवित जीवनसाथी नहीं होना चाहिए अर्थात विवाह के पंजीकरण के लिए आवेदन करने से पहले ,पहले के विवाह को कानूनी रूप से भंग कर देना चाहिए।
➤दूल्हे की उम्र इक्कीस 21 वर्ष और दुल्हन की आयु अठारह 18 वर्ष होनी चाहिए।
➤दोनों पक्षों को शादी के लिए अपनी स्वतंत्र और पूर्ण सहमति देने की क्षमता में होना चाहिए।
विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया
➧विवाह पंजीयक के कार्यालय में आवेदन करने के बाद पक्षकारों को आशयित विवाह का नोटिस दाखिल करना होता है। ऐसा नोटिस भारत में रहने वाले पक्ष द्वारा दिया जा सकता है।
➧वे उस शहर/जिले में आवेदन कर सकते हैं, जिसमें विवाह का कम से कम एक पक्ष नोटिस दिए जाने की तारीख से ठीक पहले कम से कम 30 दिनों की अवधि के लिए निवास कर रहा हो।
➧विवाह की सूचना विवाह पंजीयक द्वारा नोटिस बोर्ड पर चिपका कर प्रकाशित की जायेगी, यदि कोई आपत्ति हो तो आमंत्रित की जायेगी।
➧यदि किसी व्यक्ति को विवाह से आपत्ति है तो वह व्यक्ति नोटिस के प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों के भीतर आपत्ति उठा सकता है।
➧यदि कोई आपत्ति नहीं है, तो सूचना के प्रकाशन की तिथि से 30 दिनों की समाप्ति के बाद, विवाह को अनुष्ठापित किया जा सकता है।
➧विवाह उसी जिले के किसी भी स्थान पर और यहां तक कि निर्दिष्ट विवाह रजिस्ट्रार कार्यालय में भी संपन्न किया जा सकता है।
➧विवाह के दोनों पक्षों को तीन गवाहों के साथ विवाह के पंजीकरण/अनुष्ठान की तिथि पर विवाह पंजीयक के समक्ष उपस्थित होना आवश्यक है।
➧जब विवाह संपन्न हो जाता है तो विवाह अधिकारी एक रजिस्टर में दर्ज करने के बाद और दोनों पक्षों और तीन गवाहों के हस्ताक्षर लेने के बाद विवाह प्रमाण पत्र जारी करेगा।
यह विवाह प्रमाणपत्र विवाह का कानूनी प्रमाण है।
विवाह के पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज:
➣दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित नोटिस
➣नोटिस के साथ भुगतान की गई फीस की रसीद
➣दोनों पक्षों के निवास का प्रमाण
➣दोनों पक्षों की जन्मतिथि का प्रमाण, जैसे जन्म प्रमाण पत्र, शैक्षिक प्रमाण पत्र, पासपोर्ट आदि।
➣दोनों पक्षों का शपथ पत्र
➣विदेशी नागरिक के वैध वीज़ा के साथ दोनों पक्षों के पासपोर्ट की प्रति
दोनों पक्षों के दो पासपोर्ट साइज फोटो।
➣विदेशी नागरिक के भारत में 30 दिनों से अधिक रहने का दस्तावेजी प्रमाण।
➣विदेशी नागरिक द्वारा भारत में संबंधित दूतावास या वाणिज्य दूतावास से अनापत्ति प्रमाण पत्र या वैवाहिक स्थिति प्रमाण पत्र।
➣पहले शादी के मामले में मृत्यु प्रमाण पत्र या तलाक के कागजात।
➣तीनों गवाहों के निवास और पहचान का प्रमाण।
आपके सवालों का जवाब:
क्या भारत में विदेशी विवाह प्रमाणपत्र मान्य है?
हाँ, भारत विदेशी विवाह प्रमाणपत्रों को मान्यता देता है, इसलिए यदि आपने विदेश में विवाह किया है, तो आपको भारत में कानूनी रूप से अपनी शादी को पंजीकृत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
क्या दस्तावेजों को सत्यापन की आवश्यकता है?
हाँ, विदेशी नागरिक को अपने अस्थायी निवास के देश में संबंधित राजनयिक मिशन द्वारा दस्तावेजों को प्रमाणित करना चाहिए। इसके अलावा, दस्तावेजों की श्रृंखला को उनके मूल देश के उच्चायोग द्वारा सत्यापित किया जाना चाहिए।
क्या भारत में विवाह पंजीकरण के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है?
हाँ, भारत में इन दिनों ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है।
ऑनलाइन विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया निम्नलिखित है:
👉अपने राज्य में सरकार की आधिकारिक वेबसाइट खोलें
👉वेबसाइट ब्राउज़ करें और साइट पर विवाह पंजीकरण के लिए फॉर्म खोजें
👉फॉर्म में पूछे गए अनुसार विवाह के दोनों पक्षों का व्यक्तिगत विवरण भरें
👉फॉर्म भरने के बाद सबमिट करें
एक बार फॉर्म भरने के बाद, विवाह रजिस्ट्रार आवेदक को एक विशेष तिथि और समय के लिए बुलाएगा।
इस ब्लॉग में ऊपर उल्लिखित सभी दस्तावेजों के साथ मैरिज रजिस्ट्रार के कार्यालय में समय पर उपस्थित होना अनिवार्य है।
साथ ही मैरिज रजिस्ट्रार ऑफिस में शादी के वक्त दोनों तरफ से दो गवाह मौजूद होने चाहिए।